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Body Fat: 4 तरह के होते हैं बॉडी फैट, जानिठशरीर में कौन सी चरà¥à¤¬à¥€ आपके लिठहै खतरनाक
आज हम हमारे शरीर में फैले हà¥à¤ फैट के पà¥à¤°à¤•ार के बारे में बात करेंगे और जानेंगे की किस पà¥à¤°à¤•ार का फैट हमारे लिठअधिक हानिकारक होता है।
शरीर में कहीं à¤à¥€ फैट का जमा होना वैसे तो हमारे शरीर के लिठहानिकारक ही है और खास कर अगर फैट हमारे शरीर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ यानी पेट के आस पास जमा होता है तो वह हमें आउट ऑफ शेप तो कर ही देता है। साथ में वह आपकी सेहत के लिठà¤à¥€ बहà¥à¤¤ हानिकारक बन जाता है। लेकिन बॉडी फैट का डिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¬à¥à¤¯à¥‚शन होना हमारे हाथ में नहीं होता है यह उमà¥à¤°, जेंडर, हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ लेवल और जीनà¥à¤¸ के आधार पर बंटता है। बहà¥à¤¤ से लोग इस बारे में नहीं जानते होंगे लेकिन बॉडी फैट (Body Fat) के 4 मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार होते हैं जोकि शरीर के अलग अलग हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में जमा होते हैं। हर पà¥à¤°à¤•ार का फैट à¤à¤• जैसा नहीं होता है और कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार के फैट आपके शरीर के लिठखतरनाक à¤à¥€ हो सकते हैं। आइठजानते हैं इन फैट के पà¥à¤°à¤•ार के बारे में।
1. सबकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¸ फैट
इस पà¥à¤°à¤•ार का फैट हमारी मसलà¥à¤¸ के टॉप पर जमा होता है और हमारे शरीर का 90% फैट यही पà¥à¤°à¤•ार होता है। यह बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨, बीज और वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ फैट सेलà¥à¤¸ से मिल कर बना हà¥à¤† होता है। इस पà¥à¤°à¤•ार के फैट को हम बाजू, पेट, जांघ और हिपà¥à¤¸ से आसानी से सà¥à¤•वीज कर सकते हैं। कà¥à¤› अमाउंट में इस फैट को हेलà¥à¤¦à¥€ माना जाता है। हालांकि अगर यह अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में इकà¥à¤Ÿà¥à¤ ा हो जाता है तो इससे आपके हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ लेवल असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ हो सकते है।।
2. विसरल फैट
सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के फैट में से यह फैट सबसे अधिक हानिकारक होता है। यह फैट à¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¤¿à¤¨à¤² à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की बहà¥à¤¤ गहराई में इकà¥à¤Ÿà¥à¤ ा होता है और किडनी, आंत, हृदय जैसे ऑरà¥à¤—न के आस पास जमा हà¥à¤† होता है। इसे आम तौर पर बेली फैट à¤à¥€ कहा जाता है। अगर यह फैट बहà¥à¤¤ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में इकà¥à¤Ÿà¥à¤ ा हो जाता है तो इससे आपको डायबिटीज à¤à¥€ हो सकती है। केवल यही नहीं इस फैट के बढ़ने से आपका किडनी डेमेज, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, हृदय रोगों का खतरा à¤à¥€ बढ़ जाता है। इस पà¥à¤°à¤•ार के फैट को हम न तो छू सकते हैं और न ही महसूस कर सकते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह टिशà¥à¤¯à¥‚ के बहà¥à¤¤ अंदर जमा हà¥à¤† होता है।
3. बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ फैट
इस पà¥à¤°à¤•ार का फैट मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के अंदर देखने को मिलता है लेकिन बड़ों में à¤à¥€ यह पाया जा सकता है। बड़ों में इस पà¥à¤°à¤•ार का फैट केवल बहà¥à¤¤ कम मातà¥à¤°à¤¾ में और कंधों और छाती के आस पास ही देखने को मिलता है। यह सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤² पà¥à¤°à¤•ार का फैट होता है जो हमारे शरीर को कैलोरी को बरà¥à¤¨ करने में लाठपहà¥à¤‚चता है। रिसरà¥à¤š के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• ठंडे तापमान के अंदर यह फैट à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¥‡à¤Ÿ हो जाता है और आपकी कैलोरी को बरà¥à¤¨ करने में मदद करता है।
4. à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल फैट
इस के नाम से ही हमें पता चल रहा है कि यह फैट हमारे जीवन और à¤à¤• हेलà¥à¤¦à¥€ बॉडी के लिठआवशà¥à¤¯à¤• होता है। इस पà¥à¤°à¤•ार का फैट बà¥à¤°à¥‡à¤¨, बोन मैरो, नरà¥à¤µ और मेंबà¥à¤°à¤¾à¤¨ में पाया जाता है जो हमारे ऑरà¥à¤—न की रकà¥à¤·à¤¾ करते है। इस पà¥à¤°à¤•ार का फैट हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ के नियमित होने के लिठà¤à¥€ जरूरी होता है और यह फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ के लिठà¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• होता है। à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤• महिला तब ही हेलà¥à¤¦à¥€ मानी जाती है जब उसके अंदर 10 से 13% à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल फैट मौजूद होता है। हालांकि पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को इसकी 2 से 5% ही आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में फैट आपकी सेहत के लिठअचà¥à¤›à¤¾ नहीं होता है इसलिठअगर आप मोटापे के रिसà¥à¤• पर हैं तो आपको à¤à¤• हेलà¥à¤¦à¥€ लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² शà¥à¤°à¥‚ कर देना चाहिठऔर à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ को à¤à¥€ अपना रूटीन बना लेना चाहिà¤à¥¤
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